Amazing benefits of pomegranate (अनार) in hindi

Amazing benefits of pomegranate (अनार) in hindi 

amazing benefits of pomegranate
Amazing benefits of pomegranate 

अनार

प्राचीनकाल से ही भारत फलों का देश है। यहां मौसम के अनुसार बहुत से उपयोगी, पौष्टिक, रुचिकारक फल बहुत उपयोगी हैं। अनार हमारे देश का फल है और पूरे देश में प्रचुरता से पाया जाता है
अनार हमारे चिकित्सा-शास्त्र में अति प्राचीनकाल से एक ओषधि तथा भोजन के रूप में उच्च स्थान पाता रहा है। उसके ऊपरी कठोर दिल के अन्दर अत्यन्त रुचिकर स्वादिष्ट रस निकलता है। मीठा अनार काबुल, कन्धार और अरब से आता है। यह आकार में बड़ा और उन्नत किस्म का होता है।
यह त्रिदोषनाशक, तृप्तिकारक, शुक्रजनक, हलका, कुछ कसैला, मलावरोधक, स्निग्ध, मेधाजनक, स्मरण शक्तिवर्द्धक, बलवर्द्धक, ग्राही, दीपन तथा दमा, दाह, ज्वर, हृदय रोग, मुख दुर्गन्ध, कण्ठ रोगं एवं मुखरोग नाशक है। इसमें 13 प्रतिशत चीनी और एक प्रतिशत साइट्रिक एसिड पाया जाता है

Pet ke liye anaar

पेट के भारीपन को दूर करने में उपयोगी है। बुखार में रोगी को अनार देने से उसकी प्यास शान्त हो जाती है। पेट के विकारों को दूर करने के लिए इससे अच्छा स्वादिष्ट शरबत तैयार किया जा सकता है
अनार का छिलका भी उपयोगी रासायनिक तत्त्व रखने वाला है। दस्त और पेचिश में लौंग और जावित्री के साथ प्रयोग करने से बहुत लाभ होता है
पुरानी खांसी और खांसी में प्रयोग किया जाता है। इसके रस का प्रयोग करने से कमजोर शरीर को पुनः नयी शक्ति प्राप्त हो जाती है | अनार रस के सेवन से गुर्दे, छोटी व बड़ी आंत, आमाशय, यकृत और कण्ठ के रोग जल्दी नहीं होते। हृदय को शक्ति प्रदान करने की दृष्टि से यह उत्तम फल है
अजीर्ण रोग में खूब पके अनार के एक तोला रस में समभाग भुना हुआ जीरा और गुड़ मिलाकर दिन में दो या तीन बार लेने से हर प्रकार का अजीर्ण मिट जाता है

मुंह का स्वाद बिगड़ रहा हो

मुंह का स्वाद बिगड़ रहा हो, तो अनार का रस, शहद और तिल तेल का समभाग मिलाकर पांच ग्राम जीरा और खांड 2-2 ग्राम मिलाकर मुंह में भरें और थोड़ी देर मुख को चलायें, तो स्वाद बन जायेगा।
दस्त में अनार वृक्ष की जड़ की छाल को सुखाकर चूर्ण करें। पांच ग्राम चूर्ण में एक ग्राम जीरे का चूर्ण मिलायें और 5 ग्राम पुराना गुड़। इस मिश्रण को दस्त के रोगी को सेवन करायें, तो लाभ होगा। मीठे अनार के 20 ग्राम रस में सफ़ेद जीरा, पीपल, सोंठ, दालचीनी का चूर्ण, केसर एक-एक ग्राम मिला दें, फिर 20 ग्राम गुड़ डालकर धीमी आंच पर पकायें। गोली बनाने लायक गाढ़ा हो जाने पर, उसमें 5 ग्राम इलायची का चूर्ण मिला दें और चौथाई ग्राम की गोलियां बना लें। सुबह-शाम एक-एक गोली खाकर 125 ग्राम बकरी का ताजा दूध पियें, तो गुर्दे के रोगों और तपेदिक का नाश हो जाता है

बेदाना अनार सबसे अच्छा माना गया है

इसके खाने से मेदा, तिल्ली, यकृत की कमजोरी, संग्रहणी, दस्त, कै, क़ब्ज़ आदि दूर होता है। पाचन शक्ति बढ़ती है और मूत्रावरोध नहीं होता है।
15 ग्राम अनार की सूखी छाल और दो लौंग पीसकर एक गिलास पानी में उबालें। दो-तीन उबाल के बाद छान लें। आधा कप की मात्रा में तीन बार पान करें। दिन में बीस बार ऐसा पानी पीने पर दस्त पेचिश में लाभ होगा। संग्रहणी के रोग में एक-दो माह तक नियमित सेवन से संग्रहणी मिट जाती

पेट में दर्द हो, तो

अनार के दानों पर काली मिर्च और नमक डालकर चूसने से आराम आ जायेगा | नकसीर हो, अर्थात् नाक से खून बहता हो, तो अनार का रस कुछ बूंदें। टपका देने से आराम हो जाता है। गर्भस्राव होने पर 100 ग्राम अनार के पत्ते पानी में पीस लें। छानकर पिलायें तथा फलों का रस पेडू पर लगायें। इससे गर्भस्राव रुक जाता है। न रुके, तो सरल हो जाता है।
अत्यधिक मासिक स्राव होने पर अनार के सूखे छिलके पीसकर छान लें। इसकी एक चम्मच फंक्की चार-चार ग्राम की मात्रा में ठण्डे पानी के साथ दिन में दो बार लेने से रक्तस्राव कम होता है। | अनार के छिलके पानी में उबालकर इस पानी से सुबह-शाम कुल्ला करने पर मुंह से पानी आना और मुंह की बदबू मिट जाती है। अनार का छिलको पानी में पीसकर सेंधा नमक मिलाकर छोटी-छोटी गालियां बना लें। खांसी आने पर एक-एक गोली कर दिन में तीन बार चूसने से खांसी मिट जाती है।
अनार के छिलके को पीसकर 5 ग्राम की मात्रा में ठण्डे पानी के साथ फंक्की मारने में बहुमूत्र का रोग दूर होता है।
सुबह-शाम इसी मात्रा में लेने पर इसी प्रकार लेने पर स्वप्नदोष नहीं होता है।खूनी बवासीर हो तो 8-10 ग्राम की मात्रा में इसे दें।

अनार का रस रक्तवर्द्धक होता है

अनार का रस रक्तवर्द्धक होता है। इसके पीने से त्वचा चिकनी होती है। रक्त सञ्चार ठीक होता है। शरीर में बल आता है। जलन, बेचैनी, उलटी, डकारें, जी मिचलाना आदि नहीं होता है। एक गिलास की मात्रा में प्रतिदिन सुबह-शाम इसके सेवन से चेहरा लाल सुर्ख, भर जाता है और शरीर बल बढ़ता है। अनार के रस में फासफोरस, लोहा, चूना पर्याप्त मात्रा में होता है। इसमें 22 से 25 प्रतिशत दैनिक होता है। साथ ही विटामिन 'सी' भी पर्याप्त मात्रा में रहता है।
होम्योपैथी में अनार से बनी ओषधि ग्रेनटम भी बड़ी लाभदायक होती
नाखून टूट जाने पर दर्द हो, तो अनार के पत्ते पीसकर बांध लें। आराम आ जायेगा। अनार के पत्ते पानी में पीसकर गंजे सिर पर लेप कर रात में सो जायें। कुछ माह तक लगातार ऐसा करने पर सिर पर बाल आ जाते हैं। गंजापन मिटता है। हिस्टीरिया का दौरा पड़ने पर अनार के पत्ते और गुलाब (लाल) के फूल पीसकर 5 ग्राम की मात्रा में चटा दें। रोगी शान्त पड़ जायेगा। । बिच्छू, बरै, कीट-पतंगों के डंक मारने या काट लेने पर अनार के पत्तों को पीसकर लेप लगायें।
कोढ़ के घावों पर भी यही लेप लगाने से आराम आता है। गरमी के मौसम में अनार का रस या शरबत बहुत लाभदायक होता है।

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