Amazing benefits of apple in hindi | सेब के फायदे और सेब खाने का सही समय | green apple benefits

Amazing benefits of apple in hindi | सेब के फायदे और सेब खाने का सही समय | green apple benefits

Amazing benefits of apple in hindi | सेब के फायदे और सेब खाने का सही समय | green apple benefits
सेब के फायदे और सेब खाने का सही समय

सेब भी एक उपयोगी फल माना गया है।

सेब भी एक उपयोगी फल माना गया है। सेब और सेब का रस, दोनों ही मनुष्य के लिए हितकर हैं। सेब का 1/7 भाग ठोस होता है। अधिकांश भाग खांड और प्रोटीन है। खाली पेट खाने से भूख बढ़ती है। खाली पेट तीन-चार सेब खाने से क़ब्ज़ दूर हो जाती है। मस्तिष्क के रोग दूर करने में सेब अद्वितीय ओषध है; क्योंकि इसमें फास्फोरस दूसरे फलों और शाकों की उपेक्षा अधिक है। खाली पेट सांझ-सवेरे सेब खाने से शरीर फुर्तीला और चुस्त बन जाता है। दुर्बल और शिथिल पित्ताशय वालों के लिए यह विशेष लाभदायक है। सेब का छिलका उतार देना बहुमूल्य भाग को फेंक देना है; क्योंकि इस छिलके में विटामिन 'सी' होता है।
बूढ़ों और दुर्बलों के लिए इसी मोटे छिलके की चाय बहुत लाभदायक होती है। इस चाय में यदि नीबू का रस और शहद भी मिला दिया जाये, तो इसमें तीन गुना अधिक स्वास्थ्यवर्द्धक अंश बढ़ जाता है। यह चाय आमाशय एवं अंतड़ियों के लिए लाभदायक है। इससे पेचिश और टायफाइड दूर होता है। सेब का रस और अर्क यकृत के रोगों, जैसे-पाण्डु रोग में बहुत काम देता है। यह भूख बढ़ाता है, मूत्र पिण्ड को साफ़ करता है। यकृत को चुस्त बनाता है, आमाशय को जगाता है, आंतड़ियों को चुस्त करता है। सेब का ताजा रस सब फलों के रस से श्रेष्ठ है। गठिया रोग में सेब की चाय से (यदि यथेष्ठ मात्रा में ली जाये) बहुत शीघ्र लाभ होता है।

सेब के रस के प्रयोग से लाभ।

सेब के रस के प्रयोग से लाभ का कारण उसमें पाये जाने वाले रासायनिक तत्त्व हैं, जिसमें .03% प्रोटीन, .01 कैल्शियम, .02% फास्फेट तथा 17% लोहा होता है। इसमें फल शर्करा 60% और ग्लूकोज 25% होता है। इसके अतिरिक्त सेब में सोडियम, पोटाशियम, मैग्नीशियम, कैरोटीन, सल्फर, थियामीन, रिबोफ्लेबिन तथा अन्य कई उपयोगी विटामिन भी हैं। कच्चे सेब में स्टार्च (श्वेतासार) सबसे अधिक होता है। पेक्टीन, कार्बोहाइड्रेट का एक रूप भी रहने के कारण यह हृदय रोगों के लिए विशेष उपयोगी होता है।
यदि पथरी हो गयी हो, तो उपवास कर केवल सेब पर पांच-सात दिन रहा जाये, तो पथरी गलकर बह जाती है।सेब में फास्फोरस और कैल्शियम अधिक मात्रा में विद्यमान है। 'ए', 'बी', 'सी' और 'डी' अधिक मात्रा में विद्यमान है। 250 ग्राम सेब में लगभग 100 यूनिट विटामिन पाया जाता है। सेब में अम्ल तत्त्व भी होता है, जो शरीर में ईंधन के रूप में प्रयुक्त होता है। अम्ल तत्त्व 0.19 से 1.11 प्रतिशत में पाया जाता है। यदि चबा-चबाकर खाया जाये, तो यह दांत और मसूड़ों को मजबूत करता है। 
दांत के रोगियों के लिए तो यह विशेष लाभदायक है। चिकित्सा-शास्त्रियों ने फलों के स्वास्थ्यवर्द्धक एवं रोगनाशक गुणों का विशद अध्ययन किया है। भारत के फलों के विषय में आयुर्वेद ने काफ़ी अनुसंधान किया है। आयुर्वेद के अनुसार सेब कसाय और मधुर रस प्रधान, • शीतल और ग्राही होता है। इससे रक्त और मांस बढ़ता है। निर्बल रोगियों को बल मिलता है।' भाव-प्रकाश' नामक ग्रन्थ में लिखा है कि सेब मधुर, शीतल, स्वादिष्ट, वात व पित्त के दोष को नाश करने वाला, कफ वृद्धि कारक, पौष्टिक तथा वीर्यवर्द्धक आदि गुणों वाला होने के कारण हृदय और मस्तिष्क के लिए लाभदायक है।

सेब भी फलों का एक राजा है

सेब भी फलों का एक राजा है और प्रारम्भ से ही गुणकारी और उपयोगी होने के कारण पसन्द किया जाता है। यह फलों की उस कोटि में रखा गया है, जिन्हें 'रक्षात्मक भोजन' कहा गया है। शक्ति देने के अतिरिक्त सेब मानव शरीर के विकास में महत्त्वपूर्ण कार्य करता है। सेब की सभी किस्मों में विटामिन 'सी' प्रचुर मात्रा में विद्यमान रहता है। फल तोड़ने से लेकर सेब को सुरक्षित रखने के समय तक यह परिवर्तन नहीं होता, दो महीने तक चाहें वह ऊपर से सिकुड़ जाये, किन्तु इसके विटामिन तत्त्व कम नहीं होते हैं। इसके यह तत्त्व ताकत देने वाले महत्त्वपूर्ण जीवन तत्त्व हैं। ऊपर के छिलके में विटामिन 'सी' प्रचुरता में पाया जाता है। सेब के गूदे की अपेक्षा सेब के छिलके में विटामिन 'ए' भी पांच गुना अधिक होता है। 

सेब के खाने का पूरा-पूरा लाभ उठाने के लिए। 

सेब के खाने का पूरा-पूरा लाभ उठाने के लिए उसे छिलके से ही खाना चाहिए। फास्फोरस और लौह तत्त्व प्रधान होने के कारण सेब मस्तिष्क और शरीर की मांसपेशियों में शक्ति का सञ्चार कर उन्हें सुदृढ़ बनाता है। सुविधानुसार पके सेब लेकर उनके अन्दर से बीज इत्यादि साफ़ कर लें और कूटकर रस निकाल लें। इसे अपनी पाचन शक्ति के अनुसार काम में लायें। जायका बढ़ाना चाहें, तो कुछ शहद और नीबू का रस भी मिश्रित कर ले ।दिल और दिमाग की कमजोरी दूर करने, चित्तभ्रम और घबराहट दूर करने में सेब का रस लाभदायक सिद्ध होता है। सेब का विशेष स्वाद सुगन्ध और जायके का स्वादिष्ट मिश्रण है। खांसी, जुकाम होने पर सेब से शान्ति मिलती है।
दूध पीते बच्चों को सुबह-शाम एक चम्मच सेब का रस देने से शिशु हृष्ट-पुष्ट बना रहता है और शिशु का वजन भी बढ़ता है। सेब का रस एक गिलास नित्य पीने से गर्भवती स्त्री स्वस्थ शिशु को जन्म देती है। सेब का रस बड़ा गुणकारी और उत्तम माना गया है।

Share:

No comments:

Post a Comment

Ad

Popular Posts

Recent Posts

Ambiya e karam ka full wakiya

Contact us

Name

Email *

Message *